खैरागढ़. नगर पालिका की सामान्य सभा की बैठक सोमवार को आयोजित हुई, जिसमें विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रस्तावों पर गहमा-गहमी के बीच चर्चा हुई। बैठक में कुल 19 विषय रखे गए, जिनमें से 18 प्रस्तावों पर सहमति बनी, जबकि बजट का मामला विवाद के चलते अगली बैठक तक के लिए टाल दिया गया।
धरना स्थल तय, तालाब लीज और दशहरा उत्सव पर फैसला
सभा की शुरुआत में ईतवारी बाजार स्थित रावणभाटा को धरना स्थल घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। निर्णय अनुसार, रविवार को धरना-प्रदर्शन अम्बेडकर चौक पर होगा जबकि सप्ताह के बाकी दिन रावणभाटा में प्रदर्शन किया जाएगा।
इसी तरह, नगर के छह तालाबों को मछली पालन हेतु लीज पर देने का निर्णय भी सर्वसम्मति से हुआ। दशहरा उत्सव वर्ष 2025 के आयोजन के लिए एक लाख रुपये निकालने तथा सभी पार्षदों द्वारा एक माह का मानदेय स्वेच्छा से देने का भी निर्णय लिया गया।
निर्माण कार्यों पर गरमा-गरमी, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने
शनि मंदिर के पीछे गार्डन और विसर्जन कुंड निर्माण के प्रस्ताव पर कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि वहां शराबियों का अड्डा है और गार्डन के नाम पर "आहता" बनने की स्थिति है। उन्होंने इसे दाउ चौरा में कराने की मांग की। जिसके बाद भाजपा पार्षद विनय देवांगन जो दाऊ चौरा और शनि मंदिर के पीछे दोनों जगहों पर कार्य कराने की सलाह दी जिसके बाद, प्रस्ताव पारित किया गया।
इसी तरह वार्ड क्रमांक 15 को बीटी रोड निर्माण से बाहर रखने पर विपक्षी पार्षदों ने भेदभाव का आरोप लगाया। चर्चा के बाद इस वार्ड को भी प्रस्ताव में शामिल कर लिया गया।
बजट को लेकर विवाद, विधायक प्रतिनिधि ने सुनाई खरी-खरी
वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुमानित बजट बैठक में प्रस्तुत किया गया। लेकिन बजट की प्रतियां सदस्यों को बैठक से ठीक पहले बांटी गईं। इस पर विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन भड़क गए और सीएमओ को नियम पढ़ने की नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि बजट की प्रति कम से कम 3 से 7 दिन पहले दी जानी चाहिए थी। सदस्यों ने सहमति जताते हुए बजट को अगली बैठक तक टाल दिया।
टेंडर, ठेकेदार और गुणवत्ता पर उठे सवाल
सांसद प्रतिनिधि राकेश गुप्ता ने पालिका पर टेंडर में लापरवाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो काम पंचायत विभाग 60 पैसे में करता है, पालिका वह 120 पैसे में भी ठीक से नहीं कर पाती। उपाध्यक्ष रज्जाक खान ने ठेकेदारों का बकाया भुगतान तीन साल से रोके जाने का मुद्दा उठाया।
कांग्रेसी पार्षद पुरुषोत्तम वर्मा का तीखा प्रहार
बैठक के दौरान कांग्रेसी पार्षद पुरुषोत्तम वर्मा ने नगर पालिका की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष बने 1 साल 1 माह 10 दिन हो गए हैं, लेकिन शासन से करोड़ों रुपये आने के बावजूद कोई भी काम शुरू होने से पहले ही विवादित हो रहा है। आखिर नगर पालिका को चला कौन रहा है? आप या कोई और?
उन्होंने 15वें वित्त आयोग की 2.39 करोड़ की राशि से जुड़े 57 कार्यों के टेंडर पर धांधली और हाईकोर्ट की कार्यवाही का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि कम दर पर काम लेने वाले ठेकेदार को भी किनारे किया गया और टेंडर बार-बार निरस्त कर खर्च बढ़ाया जा रहा है। जो खर्च बढ़ रहा है उसका वाहन सीएमओ के वेतन से काटने की मांग रखी।
उन्होंने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पैसा होने के बावजूद जनता अंधेरे में है, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मिलकर गुमराह कर रहे हैं।
स्वच्छता रेटिंग पर चिंता, स्ट्रीट लाइट पर नाराजगी
सभा में यह तथ्य भी सामने आया कि नगर पालिका की स्वच्छता रेटिंग 2020-21 में 3 स्टार से गिरकर 2024-25 में 160वें स्थान पर पहुंच गई है। इसके अलावा, सदस्यों ने स्ट्रीट लाइट खरीदने में अनदेखी और 15वें वित्त आयोग की राशि के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए।
अन्य प्रस्ताव भी पारित
बिंदु क्रमांक 10 से 19 तक के प्रस्तावों पर सहमति बनी। इनमें विद्यालय, सामुदायिक केंद्र, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण, आयुष चिकित्सालय, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सालय, जिला अस्पताल, मातृ-शिशु स्वास्थ्य भवन, क्रिटिकल केयर यूनिट और खाद्य एवं औषधि प्रशासन लैब हेतु भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव शामिल थे। साथ ही, जाति प्रमाण पत्र संबंधी आवेदनों को भी पारित किया गया